Friday, 18 January 2019

आतंकवाद (Terrorism)

आतंकवाद (Terrorism)
Friday, 18 January 2019

आतंकवाद (Terrorism)


’आतंकवाद' नागरिकों, राज्य के विरुद्ध विभिन्न लोगों द्वारा अपने वांछित उद्देश्यों की पूर्ति के लिए प्रयोग किया जाने वाला बलपूर्वक एवं गेर कानूनी तरीका है। ’आतंकवाद’ से मिलता जुलता एक शब्द 'उग्रवाद’ है। ’उग्रवाद में शोषण के विरुद्ध संघर्ष होता है। 'आतंकवाद’ में शोषण से मुक्ति कि नहीं, अपने हट को सबके माये पर थोपने का हिंसात्मक पाशविक कृत्य । 

आतंकवाद का सबसे डरावना, घृणित पहलू यह है कि इनमें अधिकतर लोग धर्मं और पंथ से प्रेरित है। यह धर्माध लोग विश्व स्तर पर सांप्रदायिक हिसा तथा घृणा फैलाकर संसार को सांप्रदायिक आधार पर बांट देने पर तुले हैँ। आतंकवाद, शासन तथा व्यवस्था दोनों के लिए गंभीर समस्या है, जो समाज को दिघटन की और ले जा रही है हत्या, पातना फिरौती, लूटपाट इत्यादि घटनाए आतंक ओर भय का वातावरण पैदा करती हैं । 

भारत दो दशकों से आतंकवाद से जूझ रहा है। इसी ’आतंकवाद‘ के चलते मई 1999 में पाकिस्तान के साथ भारत कारगिल युद्ध में भिड़ा और एक 17 जुलाई को भारत ने बिजय प्राप्त की 23 जुलाई को प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने कहा "युद्ध ख़त्म हो गया पर लडाई जारी है।” यह लडाई आतंकवाद के साथ है। हमारे देश में आतंकवाद कई रूपों में देखने को मिलती है। चीनी कांति से प्रेरित 1967 ईस्वी में पश्चिम बंगाल के नक्सल वाडी नामक स्यान से शुरू हुआ नक्सलवादी आतंकवाद, को 1970 के दशक में बिहार, आध्रप्रदेश, केरल में फैल गया। 

कश्मीर को हथियाने के लिए पाकिस्तान आए दिन आतंकवादी हथकंडे अपनाता है। पाकिस्तान द्वारा छोडे गए युद्ध का भारत ने दो बार मुकाबला किया है। आतंकवाद मानवीय मूत्यों की पूर्णतया अवहेलना करता है।

 हमारा देश संकल्पित है कि वह समी जगहों पर सभी प्रकार के आतंकवाद का विरोध कोमा। आतंकवादी संगठनों का केंदीय स्थल सब को ज्ञात है, पर इच्छा शक्ति के अभाव में उस पर सही समय पर आक्रमण नहीं हो पा रहा है ।