समाचार पत्र (Newspaper)
समाचार पत्र के नाम से ही इसका स्वरूप उमर कर सामने आ जाता है। इसे आम बोलचाल की भाषा में अख़बार कहते है। जिसका अभिप्राय है ख़बरों का खजाना। इन दोनो ही नामों से स्पष्ट हो जाता है कि समाचार पत्र वह पत्र है जिसमें विश्व की घटित घटनाओं का सूचना के रूप में विवरण प्रस्तुत किया जाए। आज के मानब जीवन में अखबार या समाचार पत्रों का महत्वपूर्ण स्थान है। जिस प्रकार वस्त्र और भोजन हमारे
देनिक जीबन की प्रभुख आवश्यकताएँ है. ठीक उसी प्रकार समाचार पत्र भी आज हमारे जीवन के अभिज्ञ अग बन गए हैं।
समाचार पत्र का जना कब, कहां और क्यो हुआ ? यह तो दावे के साथ नहीं कहा जा सकता। फिर भी यह निश्चित है कि समाचार पत्र आधुनिक सभ्यता की देन है। जब विश्व के देश और संपूर्ण मानव समाज धीरे धीरे वैचारिक रूप से एक दूसरे के निकट आए तब लोगों के मन में एक दूसरे के विषय मे जानने की जिज्ञासा हुई। इन्हीं जिज्ञासाओं के परिणाम स्वरुप समाचार पत्र का जन्म हुआ। इसमे किसी प्रकार का संदेह नहीं। जिस विश्व में हम रह रहे हैं वह परस्पर एक द्वसरे से जुडा हुआ है। एक के बिना दूसरे का कार्य नहीं चलता। ऐसी स्थिति में यह आवश्यक है कि हम एक दूसरे को जाने समझें। दूर रहकर भी निकट आने का एकमात्र सस्ता माध्यम समाचार पत्र ही है। मारत में समाचार पत्र का जन्म अग्रेजी राज्य के समय 1720 ईस्वी में हुआ।
समाचार पत्रों के कई रुप आज प्रचलित हैं। इसमें प्रमुख है देनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और मासिका परंतु लोगों मे दैनिक समाचार पत्रों के प्रति अधिक रुचि है। क्योंकि वे शीधातिशीप्र विश्व के अग्य देशो अथवा देश के अन्य मामी से अपने को जुडा हुआ देखना चाहते हैं। साप्ताहिक, पाक्षिक, मासिक पत्रों में समाचारों के अतिरिक्त अन्य उपयोगी सामग्री का भी प्रकाशन होता है। सामयिक विषयों पर सामग्री इन पत्र पत्रिकाओं को प्रमुख विशेषता है । समाचार पत्र के माध्यम से विश्व के देशो में बंधुत्व का माव जागृत करने में बहुत सहायता मिली है। आज विश्व के विभित्र देशो में जो निकटता बढ रही है, इसके मूल में समाचार पत्रों की भूमिका ही है। एक समय था जब लोग संकुचित राट्रीयता की भावना से पढते ये, परंतु आज राट्रीयता की भावना के साथ लोगो में अतराट्रीपता की भावना का
प्रसार व प्रचार हो रहा है। किसी भी विषय पर विश्वभर की प्रतिक्रिया समाचार पत्र एक स्यान से दूसरे स्थान तक आसानी से पहुंचा देते हैं। विज्ञापन के क्षेत्र में समाचार पत्रों ने क्रांति ला दो है। संसार के किसी भी कोने में बननेवाली सामग्री विज्ञापन का आश्रय लेकर संपूर्ण विश्व में छा जाती है। बडे बहे व्यापारी एवं उद्योगपति अपने संस्थानों के विज्ञापन पर पानी की तरह पैसा बहाते देखै जाते हैं। इस प्रकाहैर समाचार पत्र व्यापारिक एव' व्यावसायिक क्षेत्रों के लिए अत्यंत उपयोगी साधन बन गए ।
समाचार पत्र गरीबो और श्रमिकों के लिए तो एक अमोघ अस्त्र तथा वरदान है। वह समाचार पत्रों के माध्यम से समय समय पर अपनी समस्याओं को प्रस्तुत करते रहते है |