Thursday, 15 November 2018

परमाणु

परमाणु
Thursday, 15 November 2018

परमाणु

तत्व का वह छोटा से छोटा अंग है, जो किसी भी रासायनिक अभिक्रिया में भाग ले सकता है परन्तु स्वतंत्र नहीं रह सकता है।
भारत के महान ॠषि कणाद के अनुसार सभी पदार्थ अत्यन्त सूक्ष्मकणों से बने हैं, जिसे परमाणु कहा गया है।
परमाणुओं का निर्माण प्रोटॉन, न्यूट्रॉन तथा इलेक्ट्रॉन से मिलकर होता है।
परमाणुओं का आकार अतिसूक्ष्म व द्रव्यमान बहुत कम होता है।
परमाणुओं में हाइड्रोजन सबसे छोटा व हल्का होता है। इसकी त्रिज्या 0.3 x 10-10 मीटर के बराबर होता है।
20 वीं शताब्दी में आधुनिक खोजों के परिणामस्वरूप जे. जे. थॉमसन, रदरफोर्ड, चैडविक आदि वैज्ञानिकों ने यह सिद्ध कर दिया कि परमाणु विभाज्य है तथा मुख्यतः तीन मूल कणों से मिलकर बना है, जिन्हें इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन तथा न्यूट्रॉन कहते हैं।

प्रमुख मूल कणों के अभिलक्षण :-
मूल कण प्रतीक आवेश द्रव्यमान (ग्राम) द्रव्यमान (amu) खोजकर्ता

इलेक्ट्रॉन -1e0 -1 9.1095X10-28g 0.0005486 जे.जे.थॉमसन (1897)

प्रोटॉन 1p1 +1 1.6726X10-24g 1.0073335 रदरफोर्ड

न्यूट्रॉन 0n1 0 1.6749X10-24g 1.008724 चैडविक(1932)

परमाणु भार

किसी तत्व का परमाणु भार वह संख्या है, जो यह प्रदर्शित करता है कि तत्त्व का एक परमाणु, कार्बन-12 के परमाणु के 1/12 भाग द्रव्यमान अथवा हाइड्रोजन के 1.008 भाग द्रव्यमान से कितना गुना भारी है।
परमाणु भार = तत्त्व के परमाणु का द्रव्यमान / कार्बन परमाणु का बारहवां भाग
प्रकृत्ति में पाये जाने वाले अधिकांश तत्त्व अपने समस्थानिकों के मिश्रण के रूप में होते हैं अतः परमाणु भार प्रायः भिन्नात्मक होते हैं।

परमाणु संख्या
परमाणु क्रमांक को ही परमाणु संख्या कहा जाता है।

प्रोटॉन
खोज- ई गोल्डस्टीन
प्रोटॉन एक धनात्मक विद्युत आवेशयुक्त मूलभूत कण है, जो परमाणु के नाभिक में न्यूट्रॉन के साथ पाया जाता हैं। इसे p प्रतिक चिन्ह द्वारा दर्शाया जाता है।
सन 1886 गोल्डस्टीन ने विसर्जन नलिका में छिद्रमय कैथोड प्रयुक्त किया |
प्रोटोन का द्रव्यमान इलेक्ट्रॉन से 1837 गुना अधिक होता है |
प्रोटोन का द्रव्यमान 1.6726 × 10-27 कि.ग्रा होता है |