Saturday, 14 October 2017

अव्यय (Avyy)

अव्यय (Avyy)
Saturday, 14 October 2017

अव्यय (Avyy)

01. अव्यय किसे कहते हैं?
अव्यय का शाब्दिक अर्थ है जिस शब्द का कुछ भी व्यय न हो ।

दूसरे रूप में, अव्यय वे शब्द हैं जिनके रूप में लिंग-वचन-पुरुष-काल इत्यादि व्याकरणिक कोटियों के प्रभाव से कोई परिवर्तन नहीं होता ।

जैसे-  पर,  लेकिन,  ताकि,  आज,  कल,  तेज,  धीरे,  अरे,  ओह  इत्यादि ।

02. अव्यय के कितने भेद हैं?
अव्यय के पांच भेद हैं-
1. क्रिया-विशेष
2. संबंधबोधक
3. समुच्चय बोधक
4. विस्मयादिबोधक
5. निपात

03. क्रिया-विशेषण किसे कहते हैं?
वे अव्यय शब्द जो क्रिया की विशेषता बताते हैं, क्रिया-विशेषण कहलाते हैं।
जैसे,
बच्चे धीरे-धीरे चल रहे थे ।

04. अर्थानुसार क्रिया-विशेषण के कितने भेद हैं?
अर्थानुसार क्रिया-विशेषण के चार भेद हैं-
1.  कालवाचक

2.  स्थानवाचक

3.  परिमाणवाचक

4.  रीतिवाचक

05. कालवाचक क्रिया-विशेषण किसे कहते हैं?
जिस क्रिया-विशेषण शब्द से कार्य के होने का समय ज्ञात हो ।
इसमें ज्यादातर ये शब्द प्रयोग में आते हैं- यदा,  कदा,  जब,  तब,  हमेशा,  तभी,  तत्काल, निरंतर,  शीघ्र, पूर्व,  बाद,  पीछे,  घड़ी-घड़ी,  अब,  तत्पश्चात्,  तदनंतर,  कल,  कई बार,  अभी, फिर, कभी आदि ।

06. स्थानवाचक क्रिया-विशेषण किसे कहते हैं?
जिस क्रिया-विशेषण शब्द द्वारा क्रिया के होने के स्थान का बोध हो ।

इसमें ज्यादातर ये शब्द इस्तेमाल किए जाते हैं- भीतर, बाहर, अंदर, यहाँ, वहाँ, किधर, उधर, इधर, कहाँ, जहाँ, पास, दूर, अन्यत्र, इस ओर, उस ओर, दाएँ, बाएँ, ऊपर, नीचे आदि ।

07. परिमाणवाचक क्रिया-विशेषण किसे कहते हैं?
जो शब्द क्रिया का परिमाण बतलाते हैं वे परिमाणवाचक क्रिया-विशेषण कहलाते हैं ।
जैसे- बहुधा, थोड़ा-थोड़ा,  अत्यंत,  अधिक,  अल्प, बहुत,  कुछ, पर्याप्त,  प्रभूत,  कम,  न्यून,  बूँद-बूँद,  स्वल्प,  केवल,  प्रायः, अनुमानतः, सर्वथा आदि ।

08. रीतिवाचक क्रिया-विशेषण किसे कहते हैं?
जिन शब्दों के द्वारा क्रिया के संपन्न होने की रीति का बोध हो ।

जैसे- अचानक,  सहसा,  एकाएक,  झटपट,  आप ही,  ध्यानपूर्वक,  धड़ाधड़,  यथा,  तथा,  ठीक,  सचमुच, अवश्य,  वास्तव में,  निस्संदेह,  बेशक,  शायद,  संभव हैं,  कदाचित्,  बहुत करके, हाँ,  ठीक,  सच,  जी, जरूर,  अतएव,  किसलिए,  क्योंकि,  नहीं,  न,  मत,  कभी नहीं,  कदापि नहीं आदि ।

09. क्रिया-विशेषण और संबंधबोधक अव्यय में क्या अंतर है?
जब इनका प्रयोग संज्ञा या सर्वनाम के साथ होता है तब ये संबंधबोधक अव्यय होते हैं
और जब ये क्रिया की विशेषता प्रकट करते हैं तब क्रिया-विशेषण होते हैं ।

जैसे-
(i)  बाहर जाओ । (क्रिया विशेषण)
(ii)  घर से बाहर जाओ । (संबंधबोधक अव्यय)

10. योजक किसे कहते हैं?
दो शब्दों,  वाक्यांशों या वाक्यों को मिलाने वाले अव्यय समुच्चयबोधक अव्यय कहलाते हैं । इन्हें योजक  भी कहते हैं ।

11. समुच्चयबोधक के कितने भेद हैं?
समुच्चयबोधक के दो भेद हैं-
1.  समानाधिकरण समुच्चयबोधक
2.  व्यधिकरण समुच्चयबोधक

12. समानाधिकरण समुच्चयबोधक किसे कहते हैं?
वे योजक शब्द जो समान अधिकार वाले अंशों को जोड़ने का कार्य करते हैं ।
जैसे- किंतु, और, या, अथवा इत्यादि ।

13. व्यधिकरण समुच्चयबोधक किसे कहते हैं?
वे योजक जिनमें एक अंश मुख्य होता है और एक गौण या जो एक मुख्य वाक्य में एक या एक से अधिक उपवाक्यों को जोड़ने का कार्य करते हैं, व्यधिकरण समुच्चयबोधक कहलाते हैं ।
जैसे- चूंकि, इसलिए, यद्यपि, तथापि, कि, मानो, क्योंकि, यहां तक कि, जिससे कि, ताकि आदि ।

14. विस्मयादिबोधक अव्यय  किसे कहते हैं?
जिन शब्दों में हर्ष,  शोक,  विस्मय,  ग्लानि,  घृणा,  लज्जा आदि भाव प्रकट होते हैं वे विस्मयादिबोधक अव्यय कहलाते हैं । इन्हें ‘द्योतक’ भी कहते हैं ।
जैसे-  अहा ! क्या मौसम है । अरे ! आप आ गए ?
विस्मयादिबोधक अव्यय में (!) चिह्न लगता है ।

15. हर्षबोधक अव्यय के उदाहरण लिखिए?
अहा ! धन्य ! वाह-वाह ! ओह ! वाह ! शाबाश !

16. शोकबोधक अव्यय के उदाहरण लिखिए?
आह !  हाय !  हाय-हाय !  हा, त्राहि-त्राहि !  बाप रे !

17. विस्मयादिबोधक अव्यय के उदाहरण लिखिए?
हैं !  ऐं !  ओहो !  अरे  वाह !

18. तिरस्कारबोधक अव्यय के उदाहरण लिखिए?
छिः !  हट !  धिक्  धत् !  छिः छिः !  चुप !

19. स्वीकृतिबोधक अव्यय के उदाहरण लिखिए?
हाँ-हाँ !  अच्छा !  ठीक !  जी हाँ !  बहुत अच्छा !

20. संबोधनबोधक अव्यय के उदाहरण लिखिए?
रे !  री !  अरे !  अरी !  ओ !  अजी !  हैलो !

21. आशीर्वादबोधक अव्यय के उदाहरण लिखिए?
दीर्घायु हो !  जीते रहो !

22. निपात अव्यय किसे कहते हैं?
कुछ अव्यय शब्द वाक्य में किसी शब्द या पद के बाद लगकर उसके अर्थ में विशेष प्रकार का बल ला देते हैं, इन्हें निपात कहा जाता है ।