Friday, 23 June 2017

उपसर्ग और प्रत्यय (Upsarg Or Partiya)

उपसर्ग और प्रत्यय (Upsarg Or Partiya)
Friday, 23 June 2017

उपसर्ग और प्रत्यय (Upsarg Or Partiya)

1. रचना या बनावट के आधार पर शब्द कितने प्रकार के होते हैं?
रचना या बनावट के आधार पर शब्द तीन प्रकार के होते हैं-
1. रूढ
2. यौगिक और
3. योगरूढ़

2. रूढ़ शब्द किसे कहते हैं?
शब्द वह होते हैं जो परंपरा से एक विशेष अर्थ में चले आ रहे हैं और इनका शब्दांश या शब्द खंड निरर्थक होते हैं । जैसे- हवा, बकरी, नीम इत्यादि ।
3. यौगिक शब्द किसे कहते हैं?
शब्द वह होते हैं जो दो या दो अधिक शब्द खंडो से बने होते हैं । जैसे- विद्यालय, रमेश, प्रधानाचार्य इत्यादि ।

4. योगरुढ शब्द किसे कहते हैं?
ऐसे यौगिक शब्द जो शब्द खंड के अलावे भी दूसरे अर्थ देते हैं । लेकिन इन शब्दों का इस्तेमाल विशेष अर्थ में किया जाता है । जैसे- लंबोदर यानी लंबे उदर वाला । इस प्रकार से जिसका पेट लंबा हुआ वो सब लंबोदर हुए । लेकिन लंबोदर गणेशजी के लिए प्रयोग किया जाता है ।

5. यौगिक शब्दों की रचना मुख्यत: कितने प्रकार से होती है?
यौगिक शब्दों की रचना मुख्यत:  चार तरह से होती है-
1.प्रत्यय लगाकर
2.उपसर्ग लगाकर
3.संधि द्वारा
4.समास द्वारा

6. प्रत्यय किसे कहते हैं?
जो शब्दांश शब्दों के अंत में लगकर उनके अर्थ को बदल देते हैं वे प्रत्यय कहलाते हैं।

7. प्रत्यय कितने प्रकार के होते हैं?
1.  कृत प्रत्यय
2. तद्धित प्रत्यय

8. कृत प्रत्यय किसे कहते हैं?
वह शब्दांश जो क्रियाओं (धातुओं) के अंत में लगकर नए शब्द की रचना करते हैं कृत प्रत्यय कहलाते हैं । कृत प्रत्यय के योग से बने शब्दों को (कृत+अंत) कृदंत कहते हैं ।
जैसे- वच् + अन् = वचन, घट+ अना= घटना, लिख+आवट= लिखावट आदि।

9. तद्धित प्रत्यय किसे कहते हैं?
जो प्रत्यय संज्ञा, सर्वनाम अथवा विशेषण के अंत में लगकर नए शब्द बनाते हैं तद्धित प्रत्यय कहलाते हैं।
जैसे- आध्यात्म+ इक= आध्यात्मिक , पशु+ त्व= पशुत्व आदि।

10. उपसर्ग किसे कहते हैं?
वे शब्दांश जो किसी शब्द के आरंभ में लगते हैं और उनके अर्थ में विशेषता ला देते हैं या उसके अर्थ को बदल देते हैं, उपसर्ग कहलाते हैं ।

जैसे- स्वदेश, प्रयोग इत्यादि । स्वदेश में स्व उपसर्ग है । प्रयोग में प्र उपसर्ग है ।

11. उपसर्गों को कितने भागों में बाँटा जा सकता हैं?
उपसर्गों को चार भागों में बाँटा जा सकता हैं-
(i) संस्कृत के उपसर्ग
(ii) हिन्दी के उपसर्ग
(iii) उर्दू के उपसर्ग
(iv) उपसर्ग की तरह प्रयुक्त होने वाले संस्कृत के अव्यय