भारतीय राष्ट्र पंचांग या कलैण्डर (Bharatiya Rast Panchang YA Calendar)
भारत के राष्ट्रीय पंचांग में शक संवत् को अपनाया गया है । यह 78 ईस्वी में आरम्भ हुआ था ।
इस सवंत् का प्रथम महीना चैत्र से आरम्भ होता है ।
इसका अंतिम महीना फाल्गुन होता है ।
शक संवत् में एक वर्ष 365 दिनों का होता है । इसका प्रथम महीना चैत्र, अंग्रेजी ( ग्रिगेरियन कलैण्डर ) के 22 मार्च की तारीख से आरम्भ होता है । लिप वर्ष में यह 21 मार्च को शुरू होता है । शक संवत् में ग्रिगेरियन की भांति बारह महीने होते है ।
चैत्र से आरम्भ होकर यह बैसाख, ज्येष्ठ, आषाढ़, श्रावण, भाद्रपद, आश्विन, कार्तिक, मार्गशीर्ष, पौष, माघ एवं फाल्गुन है । इसे भारत सरकार ने 22 मार्च, 1957 को अपनाया । इसके माध्यम से ही सरकारी कार्य संचालित होते है ।
इसे अपनाने के पीछे प्रमुख उद्देश्य रहे -
[1] राजपत्र में वर्णन,
[2] आकाशवाणी का प्रसारण,
[3] सरकार द्वारा जारी किए गए कलैण्डर,
[4] नागरिकों को सम्बोधित पत्र ।
शक संवत् के अनुसार ही देश व राज्य का वित्तीय वर्ष 31 मार्च को खत्म होता है और 1 अप्रेल से नया वित्त वर्ष आरम्भ होता है ।