भारतीय राष्ट्र गान (Bharatiya Rast Gan)
भारत का राष्ट्रीय गान गुरुवर रवीन्द्रनाथ टैगोर ने एक गीत के रूप में लिखा था ।
इस गीत को सर्वप्रथम 'तत्वबोधिनी' पत्रिका में भारत भाग्य विधाता शीर्षक से सन् - 1912 में छापा था । इस गीत को सबसे पहले नवम्बर, 1911 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कोलकता अधिवेशन में गाया गया ।
इस गीत में वर्णित सम्पूर्ण भारत भूमि की छटा व देश प्रेम की भावना को देखते हुए इसे राष्ट्रगान के रूप में अपनाने का निर्णय किया गया ।
इसमें कुल पांच पद है । राष्ट्रगान में प्रथम पद को ही लिया गया, जिसमे पांच छन्द और 13 पंक्तियां है ।
संविधान सभा ने 24 जनवरी, 1950 को इसे राष्ट्रगान के रूप में अपनाया ।
इसे गाने में 52 सैकेण्ड लगते है ।