Sunday, 23 April 2017

भारतीय राष्ट्र चिन्ह (Bharatiya Rast Chinh)

भारतीय राष्ट्र चिन्ह (Bharatiya Rast Chinh)
Sunday, 23 April 2017

भारतीय राष्ट्र चिन्ह (Bharatiya Rast Chinh)

भारत के राष्ट्रीय चिन्ह को सम्राट अशोक के सारनाथ ( वाराणसी ) के स्तम्भ से लिया गया है ।
                                    इस स्तम्भ में चार शेर एक-दूसरे की ओर पीठ किए हुए खड़े हैं । चारों शेरों के मुंह खुले है, जो शौर्य का प्रतीक हैं।

भारतीय संविधान सभा ने इस कृति में से सामने के भाग पर स्थित तीन शेरों को ही अपने प्रतीक चिन्ह में लिया है । तीनो खड़े शेरो के नीचे आधार भाग पर एक चक्र ( भारत के राष्ट्रीय ध्वज के मध्य में स्थित चक्र ) है ।

इस चक्र को गति, विकास एवं धर्म का प्रतीक माना गया है । इस चक्र में कुल 24 तीलियां है । आधार भाग पर चक्र के दायीं ओर एक बैल का चित्र है । यह बैल स्फूर्तिपरिश्रम का प्रतीक है ।

इसे भारतीय ग्राम्य व श्रम के प्रतिनिधित्व के तौर पर अपनाया गया है । चक्र के बायीं ओर वेगवान घोड़े का चित्र अंकित है । इसे भी गति व ताकत के रूप में माना जाता हैं। भारत सरकार ने इसे राष्ट्रीय चिन्ह के रूप में 26 जनवरी, 1950 को अपनाया । आधार के मध्य में सत्यमेव जयते लिखा है, जिसका अर्थ है 'सत्य की सदा विजय' । यह देवनागरी लिपि में है।

इसे मुण्डकोपनिषद् से उद्धृत किया गया है । 'सत्यमेव जयते' को भारत के राष्ट्रीय वाक्य के रूप में भी अपनाया गया है ।